आस्था भी, विकास भी, चंपावत में दिखा जनविश्वास भी
धामी के विकास का स्पष्ट विजन
पूर्णागिरी मेले के शुभारंभ और लोहाघाट में होली मिलन समारोह में पहुंचे धामी
आस्था और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही धामी सरकार
खटीमा में होली मिलन की ऐतिहासिक झलक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देवभूमि में आस्था और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। चंपावत दौरे के दौरान उमड़ी भारी भीड़ उनके कार्यों पर जनविश्वास की मजबूत मुहर लगाती नजर आई। कार्यक्रमों में दिखा जनसैलाब यह संकेत दे रहा था कि जनता धामी के विजन के साथ खड़ी है।
शुक्रवार को वे चंपावत पहुंचे। यह दौरा कई मायनों में अहम रहा। यह सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं था। यह दिशा, दृढ़ संकल्प और विकास की प्रतिबद्धता का संदेश था।

धामी ने माँ पूर्णागिरी धाम मेले का शुभारंभ किया। मंदिर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को विस्तार से जनता के सामने रखा। पार्किंग, पेयजल और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रस्तावित शारदा कॉरिडोर पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। यह आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान देने वाला महत्वपूर्ण प्रकल्प है। पहले चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से कार्यों की शुरुआत की गई है।
मास्टर प्लान के तहत गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी तेजी है। लगभग 430 करोड़ रुपये की यह योजना क्षेत्र के समग्र विकास को गति देगी।
टनकपुर में 238 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण प्रगति पर है। इसके पूरा होने से स्थानीय नागरिकों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। पर्यटकों के लिए भी आवागमन और आसान होगा।
दौरे के दौरान महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण किया गया। सीएम ने निर्माण कार्य में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बेटियों को उत्कृष्ट खेल सुविधाएं देना सरकार की जिम्मेदारी है। युवा शक्ति को सशक्त बनाना हमारा संकल्प है।
सीएम काली कुमाऊँ होली रंग महोत्सव में भी शामिल हुए। होली मिलन समारोह में जनता से आत्मीय संवाद किया। हर कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ ने माहौल को उत्साह से भर दिया। यह जनसमर्थन और विश्वास का स्पष्ट संकेत था।
अपने संबोधन में धामी ने कांग्रेस पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
वहीं कुछ लोग तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति में लगे हैं। ऐसी सोच से प्रदेश का संतुलित विकास संभव नहीं है।
धामी ने स्पष्ट कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप और अस्मिता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जरूरत पड़ी तो कठोर निर्णय लेने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
चंपावत का यह दौरा कई संदेश छोड़ गया। आस्था भी, विकास भी और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता भी। जनता का समर्थन इस यात्रा को और मजबूती दे रहा है।
खटीमा में आयोजित होली मिलन समारोह भी जनविश्वास और जनसमर्थन का बड़ा प्रमाण बना। भारी संख्या में लोग अपने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ होली खेलने पहुंचे। हर तरफ उत्साह, उमंग और अपनत्व का माहौल दिखा। रंगों में रंगी जनता, ढोल-नगाड़ों की गूंज और “धामी ज़िंदाबाद” के नारों के बीच यह दृश्य सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि जनता और नेतृत्व के बीच गहरे विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया। यह साफ संदेश था कि उत्तराखंड की जनता अपने मुख्यमंत्री के साथ दिल से खड़ी है — आस्था में भी, विकास में भी और संस्कृति में भी।
