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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 14 अप्रैल 2026 को देहरादून में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के मद्देनज़र गढ़ी कैंट स्थित जसवंत ग्राउंड पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर व्यवस्थाओं की स्थिति का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बल्लूपुर चौक में नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेते हुए जनसामान्य को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
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खास तोहफाः खूबसूरत गलियारा, हर किसी को प्यारा
दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे पर बने एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर की बात ही निराली
यूं तो पूरा दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे ही शानदार है, लेकिन इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर अपनी तमाम खूबियों के कारण ध्यान खींचता है। यह एक ऐसा गलियारा है, जो हर किसी को प्यारा है। बेरोक-टोक घूमते वन्य जीवों की लिए यहां सुरक्षा की ऐसी गारंटी बुनी गई है, जो आश्वस्त करती है। दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे से गुजरते हर एक यात्री के लिए भी इस कॉरिडोर को निहारना सुखद अहसास करने जैसा है।
तीन जोन में बंटा है वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर
-दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर बनाए गए एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर को भारतीय वन्य जीव संस्थान ने तीन जोन में बांटा है। इसमे गणेशपुर, मोहंड और आसारोडी देहरादून तक के क्षेत्र को शामिल किया गया है। एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर की कुल लंबाई 12 किलोमीटर है।
यूं निकली वन भूमि से कॉरिडोर की राह
-दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट का आखिरी 20 किलोमीटर का भाग उत्तर प्रदेश के शिवालिक वन प्रभाग और उत्तराखंड के राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व व देहरादून वन प्रभाग के घने वन क्षेत्रों से होकर गुजरता है। राष्ट्रीय राजमार्ग-72 ए में गणेशपुर से देहरादून तक इस प्रोजेक्ट में उत्तराखंड की 9.6224 हेक्टेयर वन भूमि का हस्तांतरण हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश के हिस्से वाली 47.7054 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करनी पड़ी है। इसके लिए दोनों राज्यों में वर्ष 2019-20 में डीपीआर तैयार की गई थी। उत्तर प्रदेश में वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति 20 जुलाई 2021 को प्राप्त हुई, जबकि उत्तराखंड के लिए यह स्वीकृति 27 अप्रैल 2022 को प्रदान की गई ।
खूबियों की झलक, एक नहीं, कई सारे लाभ
01
-कॉरिडोर के निर्माण से वन्यजीवों का आवागमन अधिक सुरक्षित व सुगम हो गया है। वन्य जीवों की दुर्घटनाओं में होने वाली क्षति न्यून हो गई है । लगातार निरीक्षण में देखा गया है कि हाथी समेत नीलगाय, सांभर, लैपर्ड, जंगली सुअर और अन्य वन्य जीव इस कॉरिडोर का सहजता से उपयोग कर रहे हैं।
02
-पहली बार विस्तृत भाग में नदी व वन क्षेत्र से एलिवेटेड मार्ग का निर्माण किया गया है। इस वजह से इस प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने के दौरान किसी भी प्रकार का मानव विस्थापन नहीं हुआ है।
03
-कॉरिडोर निर्माण से वन्य जीवों के विचरण का दायरा बढ़ने से उत्तम गुणवत्ता का वन्य जीव जीन पूल तैयार हो सकेगा।
04
-पूर्व में स्थानीय लोगों द्वारा बंदरों को भोजन खिलाने की प्रवृत्ति से दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। वर्तमान में इस समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
05
-वन्य जीवों के सुरक्षित आवागमन की सुविधा के लिए ध्वनि व वायु प्रदूषण को न्यून किया गया है।
06
-अगले 20 वर्षों में 2 .44 मिलियन टन कार्बन डाईआक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। यह लगभग 65 लाख वृक्षों के समान है। लगभग 19 प्रतिशत ईंधन की बचत होगी। (स्रोत-सीएसआईआर-आईआईपी)
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खास तोहफाः खूबसूरत गलियारा, हर किसी को प्यारा
दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे पर बने एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर की बात ही निराली
यूं तो पूरा दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे ही शानदार है, लेकिन इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर अपनी तमाम खूबियों के कारण ध्यान खींचता है। यह एक ऐसा गलियारा है, जो हर किसी को प्यारा है। बेरोक-टोक घूमते वन्य जीवों की लिए यहां सुरक्षा की ऐसी गारंटी बुनी गई है, जो आश्वस्त करती है। दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे से गुजरते हर एक यात्री के लिए भी इस कॉरिडोर को निहारना सुखद अहसास करने जैसा है।
तीन जोन में बंटा है वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर
-दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे पर बनाए गए एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर को भारतीय वन्य जीव संस्थान ने तीन जोन में बांटा है। इसमे गणेशपुर, मोहंड और आसारोडी देहरादून तक के क्षेत्र को शामिल किया गया है। एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर की कुल लंबाई 12 किलोमीटर है।
यूं निकली वन भूमि से कॉरिडोर की राह
-दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट का आखिरी 20 किलोमीटर का भाग उत्तर प्रदेश के शिवालिक वन प्रभाग और उत्तराखंड के राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व व देहरादून वन प्रभाग के घने वन क्षेत्रों से होकर गुजरता है। राष्ट्रीय राजमार्ग-72 ए में गणेशपुर से देहरादून तक इस प्रोजेक्ट में उत्तराखंड की 9.6224 हेक्टेयर वन भूमि का हस्तांतरण हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश के हिस्से वाली 47.7054 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करनी पड़ी है। इसके लिए दोनों राज्यों में वर्ष 2019-20 में डीपीआर तैयार की गई थी। उत्तर प्रदेश में वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति 20 जुलाई 2021 को प्राप्त हुई, जबकि उत्तराखंड के लिए यह स्वीकृति 27 अप्रैल 2022 को प्रदान की गई ।
खूबियों की झलक, एक नहीं, कई सारे लाभ
01
-कॉरिडोर के निर्माण से वन्यजीवों का आवागमन अधिक सुरक्षित व सुगम हो गया है। वन्य जीवों की दुर्घटनाओं में होने वाली क्षति न्यून हो गई है । लगातार निरीक्षण में देखा गया है कि हाथी समेत नीलगाय, सांभर, लैपर्ड, जंगली सुअर और अन्य वन्य जीव इस कॉरिडोर का सहजता से उपयोग कर रहे हैं।
02
-पहली बार विस्तृत भाग में नदी व वन क्षेत्र से एलिवेटेड मार्ग का निर्माण किया गया है। इस वजह से इस प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने के दौरान किसी भी प्रकार का मानव विस्थापन नहीं हुआ है।
03
-कॉरिडोर निर्माण से वन्य जीवों के विचरण का दायरा बढ़ने से उत्तम गुणवत्ता का वन्य जीव जीन पूल तैयार हो सकेगा।
04
-पूर्व में स्थानीय लोगों द्वारा बंदरों को भोजन खिलाने की प्रवृत्ति से दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। वर्तमान में इस समस्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
05
-वन्य जीवों के सुरक्षित आवागमन की सुविधा के लिए ध्वनि व वायु प्रदूषण को न्यून किया गया है।
06
-अगले 20 वर्षों में 2 .44 मिलियन टन कार्बन डाईआक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। यह लगभग 65 लाख वृक्षों के समान है। लगभग 19 प्रतिशत ईंधन की बचत होगी। (स्रोत-सीएसआईआर-आईआईपी)
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खास तोहफाः खूबसूरत गलियारा, हर किसी को प्यारा
दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे पर बने एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर की बात ही निराली यूं तो पूरा दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे ही शानदार है, लेकिन इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 14 अप्रैल 2026 को देहरादून में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के मद्देनज़र गढ़ी कैंट स्थित जसवंत ग्राउंड पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर व्यवस्थाओं की स्थिति का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग सुविधाएं, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और स्वच्छता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की।…
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बल्लूपुर चौक में नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेते हुए जनसामान्य को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
नगर निगम, देहरादून द्वारा 7 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष सफाई अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाना है। अभियान के अंतर्गत…
सीएम धामी ने डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून में आयोजित छात्रसंघ समारोह में किया प्रतिभाग, छात्र-छात्राओं को किया संबोधित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को डी०ए०वी० पीजी कॉलेज, देहरादून में आयोजित छात्रसंघ समारोह में प्रतिभाग करते हुए छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को…
आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
देहरादून: आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी, देहरादून के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड लिबरल आर्ट्स द्वारा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “रिडिफाइनिंग वैल्यू क्रिएशन: डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन फॉर ए सस्टेनेबल एंड ह्यूमन सेंट्रिक इकॉनमी (ICON…
