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राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सदन में उठाई मांग, स्व. डॉ. नित्यानंद जी के सम्मान में जारी हो डाक टिकट और मिले पद्म पुरस्कार संगीत और संस्कृति के संग आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ तीन दिवसीय उत्सव ‘लम्हे – 2026’ व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का मुख्य सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार – मुख्यमंत्री

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संगीत और संस्कृति के संग आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ तीन दिवसीय उत्सव ‘लम्हे – 2026’
संगीत और संस्कृति के संग आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ तीन दिवसीय उत्सव ‘लम्हे – 2026’
व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का मुख्य सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण
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प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार – मुख्यमंत्री
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राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सदन में उठाई मांग, स्व. डॉ. नित्यानंद जी के सम्मान में जारी हो डाक टिकट और मिले पद्म पुरस्कार
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सदन में उठाई मांग, स्व. डॉ. नित्यानंद जी के सम्मान में जारी हो डाक टिकट और मिले पद्म पुरस्कार

देहरादून: भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने विषेश उल्लेख मे सदन को माध्यम से सरकार से मांग की है कि, देहरादून के डीबीएस काॅलेज में भूगोल के प्रोफेसर रहे प्रख्यात समाजसेवी स्व0 डाॅ0 नित्यानंद जी के जन्म शताब्दी वर्ष में एक डाक टिकट जारी किया जाय व पदम पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।

डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि स्व0 डाॅ0 नित्यानंद जी का पूरा जीवन सेवा, समर्पण व त्याग की अनूठी मिसाल है। 1991 में गढ़वाल में आये विनाशकारी भूकंप से प्रभावित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने व उनके बच्चों को पढ़ाने के लिए डाॅ0 नित्यानंद जी ने मनेरी को केंद्र बनाकर संघ के स्वयंसेवकों द्वारा 50 गांवों में शुरू किये गये सेवा कार्याें का मार्गदर्शन किया। 1975 से पार्शियल पैरालिसिस से ग्रस्त इस कर्म योगी ने डाॅक्टर की सलाह को अनदेखा कर पहाड पर प्रवास जारी रखा। 400 से अधिक परिवारों को भूकंप रोधी घर बनाकर दिए।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि 1945 से जीवन की अंतिम सांस तक संघ के पूर्णकालिक वर्षों प्रांत कार्यवाह रहे डाॅ0 नित्यानंद जी को उत्तरांचल दैवीय आपदा पीडित सहायता समिति के गठन का श्रेय जाता है। जो 34 वर्षों से देश के किसी भी हिस्से में आई आपदा में पीडितों की मदद का हर संभव प्रयास करती है। डाॅ0 नित्यानंद जी सचमुच आधुनिक संत थे। मां के नाम पर श्रीमती भगवती देवी चैरिटेबल ट्रस्ट छात्रवृत्ति शुरू की। इस ट्रस्ट द्वारा प्रतिवर्ष वे 40 मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देते रहे।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि इतिहास व भूगोल की अनेक पुस्तके लिखने वाले स्व0 नित्यानंद जी हिमालय पर अपना शोध व ग्राम विकास कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। उनके नाम पर डाॅ0 नित्यानंद हिमालय शोध एवं अध्ययन केंद्र देहरादून में बन रहा है। डाॅ0 नित्यानंद आधुनिक युग के दधिचि थे जिन्होंने अपनी देह गलाकर उत्तराखण्ड की घाटियों में सेवा का मार्ग प्रशस्त किया।

डा. नरेश बंसल ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग करते हुए राज्यसभा मे कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि स्व0 डाॅ0 नित्यानंद जी के जन्म शताब्दी वर्ष में एक डाक टिकट जारी किया जाय व पदम पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।

संगीत और संस्कृति के संग आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ तीन दिवसीय उत्सव ‘लम्हे – 2026’
संगीत और संस्कृति के संग आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ तीन दिवसीय उत्सव ‘लम्हे – 2026’
व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का मुख्य सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण
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राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सदन में उठाई मांग, स्व. डॉ. नित्यानंद जी के सम्मान में जारी हो डाक टिकट और मिले पद्म पुरस्कार
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सदन में उठाई मांग, स्व. डॉ. नित्यानंद जी के सम्मान में जारी हो डाक टिकट और मिले पद्म पुरस्कार

देहरादून: भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने विषेश उल्लेख मे सदन को माध्यम से सरकार से मांग की है कि, देहरादून के डीबीएस काॅलेज में भूगोल के प्रोफेसर रहे प्रख्यात समाजसेवी स्व0 डाॅ0 नित्यानंद जी के जन्म शताब्दी वर्ष में एक डाक टिकट जारी किया जाय व पदम पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।

डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि स्व0 डाॅ0 नित्यानंद जी का पूरा जीवन सेवा, समर्पण व त्याग की अनूठी मिसाल है। 1991 में गढ़वाल में आये विनाशकारी भूकंप से प्रभावित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने व उनके बच्चों को पढ़ाने के लिए डाॅ0 नित्यानंद जी ने मनेरी को केंद्र बनाकर संघ के स्वयंसेवकों द्वारा 50 गांवों में शुरू किये गये सेवा कार्याें का मार्गदर्शन किया। 1975 से पार्शियल पैरालिसिस से ग्रस्त इस कर्म योगी ने डाॅक्टर की सलाह को अनदेखा कर पहाड पर प्रवास जारी रखा। 400 से अधिक परिवारों को भूकंप रोधी घर बनाकर दिए।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि 1945 से जीवन की अंतिम सांस तक संघ के पूर्णकालिक वर्षों प्रांत कार्यवाह रहे डाॅ0 नित्यानंद जी को उत्तरांचल दैवीय आपदा पीडित सहायता समिति के गठन का श्रेय जाता है। जो 34 वर्षों से देश के किसी भी हिस्से में आई आपदा में पीडितों की मदद का हर संभव प्रयास करती है। डाॅ0 नित्यानंद जी सचमुच आधुनिक संत थे। मां के नाम पर श्रीमती भगवती देवी चैरिटेबल ट्रस्ट छात्रवृत्ति शुरू की। इस ट्रस्ट द्वारा प्रतिवर्ष वे 40 मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति देते रहे।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि इतिहास व भूगोल की अनेक पुस्तके लिखने वाले स्व0 नित्यानंद जी हिमालय पर अपना शोध व ग्राम विकास कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। उनके नाम पर डाॅ0 नित्यानंद हिमालय शोध एवं अध्ययन केंद्र देहरादून में बन रहा है। डाॅ0 नित्यानंद आधुनिक युग के दधिचि थे जिन्होंने अपनी देह गलाकर उत्तराखण्ड की घाटियों में सेवा का मार्ग प्रशस्त किया।

डा. नरेश बंसल ने सदन के माध्यम से सरकार से मांग करते हुए राज्यसभा मे कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि स्व0 डाॅ0 नित्यानंद जी के जन्म शताब्दी वर्ष में एक डाक टिकट जारी किया जाय व पदम पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।

संगीत और संस्कृति के संग आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ तीन दिवसीय उत्सव ‘लम्हे – 2026’
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व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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संगीत और संस्कृति के संग आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ तीन दिवसीय उत्सव ‘लम्हे – 2026’

देहरादून: आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में आज तीन दिवसीय वार्षिक टेक्नोकल्चरल फेस्ट ‘लम्हे–2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। 02 से 04 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में दिल्ली विश्वविद्यालय, दून विश्वविद्यालय,…

व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

रेस्टारेंट और ढाबों के लिए 2000 सिलेण्डरसचिव स्वरूप ने बताया कि संशोधित एसओपी में विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों की दैनिक आवश्यकता को निर्धारित किया गया है। होटल एवं रिजॉर्ट जैसे पर्यटन…

कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का मुख्य सचिव ने किया स्थलीय निरीक्षण

सभी कार्यों को तय समय में पूर्ण करने के निर्देश, गुणवत्ता पर विशेष जोर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश ‘ग्रीन घाट’ एवं सौंदर्यीकरण पर विशेष…

प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार – मुख्यमंत्री

चारधाम यात्रा को और सशक्त बनाने पर दिया जा रहा है ध्यान – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में पूजा-अर्चना…

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