देहरादून: उत्तराखंड में धामी सरकार ने बड़े पैमाने पर आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसमें कई बड़े अफसरों के नाम हैं।

IPS पी वी के प्रसाद से निदेशक अभियोजन हटाया गया,

IPS अभिनव कुमार को ADG अभिसूचना एवं सुरक्षा की मिली अहम जिम्मेदारी,

IPS अमित सिन्हा से निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला हटाया गया,

IPS ए पी अंशुमान को निदेशक अभियोजन की मिली जिम्मेदारी,

IPS विम्मी सचदेवा से मानवाधिकार हटाया गया,

IPS नीलेश आनंद भरणे से आईजी एल ओ हटाया गया, आईजी साइबर ओर एस टी एफ दिया गया,

IPS अनंत शकर ताकवाले से आईजी मानवाधिकार की जिम्मेदारी मिली,

IPS सुनील कुमार मीणा को आईजी एल ओ की अहम जिम्मेदारी मिली,
नैनीताल एस एस पी प्रहलाद मीना को नैनीताल एस एस पी से हटाया गया, एस पी सतर्कता PHQ की मिली जिम्मेदारी,

IPS यशवंत सिंह को सेनानायक 31 वीं वाहिनी पीएसी

IPS मंजूनाथ टी सी बने नैनीताल के नए एस एस पी,

पौड़ी के एस एस पी लोकेश्वर सिंह हटाए गए, नई जिम्मेदारी एस पी पुलिस मुख्यालय बने,

IPS कमलेश उपाध्याय बनी उत्तरकाशी की नई एस पी,

IPS सर्वेश पंवार एस पी चमोली से हटाए गए , नई जिम्मेदारी एस एस पी पौड़ी की मिली,

IPS सरिता डोभाल को एस पी अभिसूचना की मिली अहम जिम्मेदारी,

IPS सुरजीत सिंह पंवार बने एस पी चमोली,

पीपीएस प्रकाश भट्ट बने उप प्रधानाचार्य पीटीसी नरेंद्र नगर,

पीपीएस मनोज कत्याल बने अपर पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी,

पीपीएस रेणु लोहनी बनी उप सेनानायक आईआरबी द्वितीय देहरादून,

पीपीएस स्वप्न किशोर सिंह बने अपर पुलिस अधीक्षक काशीपुर,

पीपीएस पंकज गैरोला बने अपर पुलिस अधीक्षक विकासनगर,

पीपीएस कमला बिष्ट बनी अपर पुलिस अधीक्षक विजिलेंस नैनीताल,

पीपीएस अभय कुमार सिंह बने अपर पुलिस अधीक्षक हरिद्वार,

पीपीएस मनीषा जोशी बनी उप सेनानायक 40 वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार।

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व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।