हल्द्वानी: कुमाऊँ मंडल में भूमि धोखाधड़ी के मामलों को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। शासन स्तर पर गठित लैंड फ्रॉड समिति और कुमाऊँ परिक्षेत्र की विशेष जांच टीम (SIT) अब ऐसे मामलों की पारदर्शी और प्रभावी जांच सुनिश्चित करेगी।

भूमि धोखाधड़ी मामलों की जांच में पारदर्शिता लाने के लिए पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल ने सभी जिलों में पूर्व में गठित जिला स्तरीय SIT को तत्काल प्रभाव से भंग करने के निर्देश दिए हैं। इन टीमों में कुछ पुलिस कर्मियों की संलिप्तता संबंधी शिकायतें मिलने के बाद यह फैसला लिया गया। अब किसी भी नए मामले में प्रारंभिक जांच संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

धनंजय गिरी प्रकरण में बड़ा एक्शन

पिछले दो महीनों में धनंजय गिरी से जुड़े कई पीड़ितों ने पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में शिकायतें दर्ज कराईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज कार्यालय ने सभी शिकायतों और दर्ज एफआईआर की सूची तैयार की। आरोपी द्वारा अर्जित संपत्तियों का विवरण जुटाया। विवेचक को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन विवेचना में लापरवाही और आरोपी को बचने का अवसर देने के आरोप में चौकी भोटियापड़ाव के उपनिरीक्षक अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

पीड़ितों को धन वापसी पर फोकस

पुलिस महानिरीक्षक ने परिक्षेत्रीय SIT को निर्देश दिए हैं कि आरोपी द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित धन को नए कानून BNSS की धारा 107 के तहत न्यायालय के माध्यम से पीड़ितों को उनके हिस्से के अनुसार वापस दिलाया जाए।

पीड़ितों से अपील
पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल ने उन सभी लोगों से संपर्क करने की अपील की है जो अब तक शिकायत दर्ज नहीं करा सके हैं। पीड़ित अपनी शिकायतें परिक्षेत्रीय मोबाइल नंबर 9411110057 या SIT प्रभारी एसपी सिटी हल्द्वानी मनोज कत्याल को उपलब्ध करा सकते हैं।

निवेश से पहले बरतें सावधानी
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निजी फंड या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सरकारी मान्यता अवश्य जांच लें। साथ ही जिलों को संदिग्ध व्यक्तियों और घटनाओं की सूची तैयार कर SIT को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धनंजय गिरी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता रहेगी।

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