देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति अब उस मुकाम पर पहुँच चुकी है, जहाँ विपक्षी बयानबाज़ी से ज़्यादा खतरनाक है “अर्बन नक्सल गैंग” की सक्रियता-और इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब खुलकर हमला बोला है।

मुख्यमंत्री ने एक सार्वजनिक मंच से दो टूक कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड तेज़ी से विकास की राह पर हैं, लेकिन कुछ ‘अर्बन नक्सल गैंग’ के लोग प्रदेश में जिहादी मानसिकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

यह बयान केवल चेतावनी नहीं था-यह घोषणा थी। घोषणा इस बात की कि अब सरकार न तो बख्शेगी, न चुप रहेगी, और न ही इन छिपे चेहरों को खुला मैदान देगी।

सीएम धामी का लहजा इस बार पहले से कहीं ज़्यादा सख्त और निर्णायक था। उन्होंने साफ़ कहा सरकार ऐसे लोगों के मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देगी, चाहे उसके लिए हमें कितनी भी सख़्ती क्यों न करनी पड़े। दरअसल, यह बयान ऐसे दौर में आया है जब उत्तराखंड तेज़ विकास, ईमानदार शासन और निर्णायक फैसलों की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बना रहा है। लेकिन इसी विकास के बीच, भ्रम का कारोबार और विचारधारात्मक नक्सलियत फिर सिर उठाने लगी है-वो गिरोह जो विकास नहीं, अविश्वास को बढ़ावा देता है।

मुख्यमंत्री के शब्दों में छिपा संदेश बिल्कुल साफ़ है- उत्तराखंड की शांत फिज़ा में विचारधारा की आग लगाने वालों की पहचान हो चुकी है, और अब सरकार ने खामोशी तोड़कर जवाब देने का ऐलान कर दिया है।

सीएम धामी ने साफ़ कर दिया है कि अब राज्य में न भ्रम चलेगा, न भड़काव, न किसी एजेंडे की राजनीति। यह केवल बयान नहीं, मुख्यमंत्री की रणनीतिक घोषणा है उत्तराखंड अब भ्रम नहीं, भरोसे का चेहरा बनेगा। ‘अर्बन नक्सल’ एजेंडा यहाँ टिकेगा नहीं- यह धामी का इरादा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।