गोपेश्वर (चमोली)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड में काश्तकारों के लिए 100 करोड़ की लागत से मुक्तेश्वर में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। उनका कहना था कि उत्तराखंड की आर्थिकी को बढ़ावा देने के लिए कृषि क्षेत्र में क्रांति लाई जाएगी।चमोली जिले के गौचर में राज्य स्तरीय किसान दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि चौहान ने कहा कि उत्तराखंड के उच्च प्रजाति के फलों के पौध उपलब्ध कराने के लिए सरकार जोरदार प्रयास कर रही है। इसके लिए 100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट स्थापित किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तराखंड कृषि, पशुपालन व औद्यानिकी के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में सुमार हो गया है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार के वैज्ञानिकों की टीम गठित कर कम खेती में अधिक उपज तैयार करने के लिए 5 साल का रोड़ मैप तैयार कर रही है।

कहा कि इंटीग्रेटेड खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। बंदरों, सुअरों व भालुओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए घेरबाड़ के लिए 90 करोड़ की धनराशि जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को बागवानी मामले में देश की राजधानी बनाने की पहल होगी। जड़ी बूटी की पैदावार बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास होंगे। उत्तराखंड की जड़ी बूटियां दुनिया को रोग मुक्त कर रही है। लखपती दीदी की अवधारणा को साकार रूप  दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र की लखपती दीदी अभियान से महिलाओं को जोड़ा जाएगा और किसी भी बहन को बेरोजगार नहीं रहने दिया जाएगा। राज्य की जरूरत के अनुसार योजना तैयार कर केंद्र धनराशि को मंजूरी प्रदान करेगा। जमीन कम होने पर भी उत्पादन बढ़ाने को उन्होंने राज्य की शानदार पहल बताया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने भारत सरकार द्वारा नई बनाई गई जी-राम-जी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पहले इस योजना में 88 हजार करोड़ का प्रावधान किया जाता था। अब  इसे बढा कर 151 हजार करोड़ से अधिक रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कांग्रेस कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस छाती पीठ रही है कि मनरेगा योजना बंद कर दी गई है। पहले इस योजना में विसंगति के साथ ही कई कमियां थी। अब इस योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। इसके तहत रोजगार के दिन भी बढ़ा दिए गए हैं। अब ग्राम पंचायतों के आधार पर योजनाएं चलाई जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में  309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228 किमी ग्रामीण सड़कों के 1706 करोड़ रुपए को की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं। न्यूजीलैंड के साथ कीवी की पैदावार बढ़ाने के लिए एक्सीलेंट सेंटर बनाने के लिए करार किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड कृषि, पशुपालन व औद्यानिकी के क्षेत्र दिनों दिन प्रगति कर रहा है। माल्टा को बढ़ावा देने के लिए तमाम प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं। 115 करोड़ की लागत से 350 पाली हाउस का निर्माण किया जा चुका है। गेहूं पर 20 तथा गन्ने की फसल पर 30 रूपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी,  थराली के विधायक भूपालराम टम्टा, रूद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल, बद्रीनाथ के पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, गोपेश्वर के पालिकाध्यक्ष संदीप रावत, गौचर के पालिकाध्यक्ष संदीप नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, दायित्वधारी रमेश गड़िया, बलवीर घुनियाल व हरक सिंह नेगी, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, ब्लाक प्रमुख दीपिका मैखुरी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी सोहन सिंह रांगड़, तहसीलदार सुधा डोभाल आदि मौजूद रहे।

इससे पूर्व केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सर्वप्रथम बद्री गाय की पूजा करने के बाद कृषि व उद्यान विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण करने के बाद प्रगतिशील काश्तकारों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर कई प्रगतिशील काश्तकारों को सम्मानित भी किया गया। संचालन हर्षवर्धन थपलियाल ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।