अपने नैनीताल भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बढ़ रहे ठंड को देखते हुए प्रदेशभर में रेन बसेरों में आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही ठंड एवं शीतलहर से बचाव हेतु अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि रेन बसेरों में सभी उचित व्यवस्था की जाए तथा जरूरतमंदों को ठंड से बचाव हेतु कंबल उपलब्ध कराए जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जिले में टीमों को सक्रिय रखते हुए शहरों, कस्बों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि असहाय एवं बेघर लोगों को समय पर राहत मुहैया कराई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों के साथ ही कस्बों में भी सायंकाल में ठंड अधिक होने पर नियमित रूप से अलाव जलाने के साथ ही नियमित उनकी मोनिटरिंग के भी निर्देश दिए इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से आवश्यक सामग्री की उपलब्धता, वितरण और निगरानी की दैनिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा है।

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व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।