देहरादून : देवभूमि उत्तराखंड राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले “रजत जयंती विशेष सत्र” की तैयारियों का आज विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने विधानसभा भवन, देहरादून में पहुँचकर निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विधानसभा परिसर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की आगमन व्यवस्था, प्रोटोकॉल, अतिथियों के स्वागत, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक बिंदुओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएँ समयबद्ध एवं उच्चस्तरीय समन्वय के साथ पूर्ण की जाएँ, ताकि यह ऐतिहासिक सत्र उत्तराखंड की गरिमा और परंपरा के अनुरूप भव्य रूप में संपन्न हो। उन्होंने कहा कि यह विशेष सत्र देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, 25 वर्षों की विकास यात्रा तथा आने वाले वर्षों की संभावनाओं पर केंद्रित रहेगा। यह सत्र राज्य की प्रगति, उपलब्धियों और संकल्पों को नई दिशा देने का कार्य करेगा। इस दौरान विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।