• घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, माता-पिता और रिश्तेदार लगातार सोनू की तलाश में, प्रशासन से जल्द ढूंढने की लगा रहे गुहार

देहरादून जनपद के थाना रानीपोखरी क्षेत्र के ग्राम रखवाल, पोस्ट ऑफिस भोगपुर निवासी 16 वर्षीय सोनू रावत पुत्र सूर्यपाल सिंह बीते शनिवार सुबह से लापता हैं। परिवार के अनुसार, सोनू 9 नवंबर की सुबह करीब सात बजे बिना बताए घर से कहीं निकल गया, और उसके बाद से अब तक घर नहीं लौटा है। लड़के के परिजनों ने थाना रानीपोखरी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने इस पर मुकदमा संख्या 95/25, धारा 137(2) BNS बनाम अज्ञात दर्ज किया है। मामले की जांच उप निरीक्षक विजेन्द्र सिंह को सौंपी गई है।

सोनू रावत की उम्र लगभग 16 वर्ष है। उसकी लंबाई करीब 5 फीट 6 इंच, रंग गेहुँआ, आंखें और बाल काले हैं। लापता होने के समय उसने भूरे रंग की पैंट, काली टी-शर्ट और काले रंग की चप्पल पहन रखी थी। थानाध्यक्ष रानीपोखरी ने बताया कि आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। सभी थाना क्षेत्रों और चौक-चौराहों पर गुमशुदगी की सूचना प्रसारित कर दी गई है।

इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। माता-पिता और रिश्तेदार लगातार सोनू की तलाश में हैं और प्रशासन से उसे जल्द ढूंढने की गुहार लगा रहे हैं। परिवार का कहना है कि “बस हमारा बेटा सुरक्षित घर लौट आए, यही हमारी प्रार्थना है।”

पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को सोनू रावत के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो कृपया तत्काल नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें –
📞 मो. 7078366368 (उप निरीक्षक विजेन्द्र सिंह)।
📞 मो. 9411112826 (थानाध्यक्ष रानीपोखरी)।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।