देहरादून। सेंट जोसेफ स्कूल, देहरादून के कक्षा 6-ई के मेधावी छात्र अदम्य बंसल, ज्ञानंदा स्कूल की वैदिका, और हिलग्रेंज स्कूल के आदविक को देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट करने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ।

यह मुलाकात बच्चों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रही। भेंट के दौरान तीनों छात्रों ने अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। अदम्य बंसल ने स्वयं द्वारा बनाए गए सुंदर कागज़ी फूलों का गुलदस्ता, वैदिका ने अपनी हस्तनिर्मित पेंटिंग, और आदविक ने स्वनिर्मित शुभकामना कार्ड राष्ट्रपति को भेंट किया। बच्चों की सादगी और रचनात्मकता से प्रभावित होकर महामहिम राष्ट्रपति ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

इस विशेष अवसर पर Alumni Association ने अदम्य की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए इन प्रेरणादायक पलों को तस्वीरों सहित अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। संस्था ने कहा कि ऐसे क्षण न केवल बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।

अदम्य की माता ने भावनाओं से भरे शब्दों में कहा, “यह हमारे परिवार के लिए गर्व और आनंद का क्षण है। अदम्य के इस सम्मान पर हमें रिश्तेदारों, पड़ोसियों और परिचितों से निरंतर शुभकामनाएँ मिल रही हैं। यह क्षण हमारे लिए अविस्मरणीय रहेगा।”

अदम्य की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि सेंट जोसेफ स्कूल और देहरादून शहर के लिए भी गौरव का विषय बनी है। बाल सृजनशीलता, संस्कार और आत्मविश्वास का यह उदाहरण आने वाले समय में उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य की झलक प्रस्तुत करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।