हरिद्वार। देवभूमि उत्तराखंड के गठन के 25 साल पूरे होने पर हरिद्वार से रजत जयंती समारोह की शुरुआत शानदार अंदाज़ में हुई। आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक रंगों से सजे इस आयोजन में परंपरा और नवाचार का अनोखा संगम देखने को मिला।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रजत जयंती समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जैसे ही अत्याधुनिक रोबोट ने मंच पर एंट्री की, दर्शकों की तालियाँ गूंज उठीं। डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “उत्तराखंड की यह 25 सालों की यात्रा संघर्ष, सेवा और विकास की मिसाल है। अब राज्य ‘डिजिटल देवभूमि’ की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है।”

यह डिजिटल प्रदर्शनी राज्य की 25 वर्षों की यात्रा को सजीव रूप में दर्शाती है पहाड़ से लेकर मैदान तक विकास की कहानी, योजनाओं की उपलब्धियाँ और जनसंघर्षों का इतिहास।

कार्यक्रम के संयोजक एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस पूरे आयोजन को विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है ताकि जनता एक ही जगह पर उत्तराखंड की संस्कृति, उपलब्धियाँ और भविष्य की दिशा को महसूस कर सके। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में इंटरेक्टिव स्क्रीन, वर्चुअल रियलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक का उपयोग किया गया है।

रंगारंग प्रस्तुतियों में पारंपरिक लोकनृत्यों और गीतों ने भी समां बांध दिया। कार्यक्रम में पहुंचे नागरिकों, स्कूली बच्चों और अतिथियों ने एक सुर में कहा “यह सिर्फ़ जश्न नहीं, उत्तराखंड के आत्मगौरव का उत्सव है।

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