हरिद्वार : सहायक परिवहन निखिल शर्मा ने अवगत कराया है कि संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी, देहरादून द्वारा उप-संभागीय परिवहन कार्यालय, हरिद्वार का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न शाखाओं एवं अभिलेखों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।

उन्होंने निरीक्षण के दौरान बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली,कैश रजिस्टर,सेवा का अधिकार रजिस्टर,तथा सी.एल.रजिस्टर का परीक्षण करते हुए सभी कर्मचारियों को समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। आर.सी./डी.एल. हेतु कवर की उपलब्धता एवं व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।क्योंकि कार्यालय शहर से दूरी पर स्थित है, इस कारण मार्ग में स्पष्ट दिशा- सूचक बोर्ड (sign boards) लगाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को कार्यालय तक पहुँचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। डी.एल.सेक्शन,टी.आर.सेक्शन, एनफोर्समेंट सेक्शन एवं न्यू रजिस्ट्रेशन सेक्शन का गहन निरीक्षण कर कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व दक्षता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नीलामी (Auction) प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।

कार्यालय परिसर की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा कर स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया गया। Weeding Out प्रक्रिया को तीव्र गति से पूर्ण करने और लंबित अभिलेखों के समयबद्ध निस्तारण हेतु निर्देश प्रदान किए गए। निरीक्षण के उपरांत संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया कि कार्य निर्धारित मानकों, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ संपादित हों, जिससे जनता को बेहतर, सरल एवं त्वरित सेवाएँ उपलब्ध करायी जा सकें।

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व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डर वितरण के लिए नई एसओपीराज्य को मिला अतिरिक्त 26 प्रतिशत का कोटासचिव आनंद स्वरूप ने जारी की संशोधित एसओपीदेहरादून। राज्य में व्यवसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।श्री स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी।श्री स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।